B.ED IGNOU 2nd year Workshop
इग्नू B.Ed द्वितीय वर्ष कार्यशाला आठवां कार्य दिवस सत्र प्रथम व द्वितीय विषय : जेंडर परिप्रेक्ष्य में पाठ्यक्रम विश्लेषण (Course Analysis in Gender Perspective – Unit I & II) 1. भूमिका (Introduction) शिक्षा समाज का दर्पण होती है। पाठ्यक्रम केवल ज्ञान का संप्रेषण नहीं करता, बल्कि समाज में प्रचलित मूल्य, मान्यताएँ, भूमिकाएँ और विचारधाराएँ भी विद्यार्थियों तक पहुँचाता है। जेंडर परिप्रेक्ष्य में पाठ्यक्रम विश्लेषण का उद्देश्य यह देखना है कि पाठ्य-सामग्री में लैंगिक समानता, न्याय एवं समावेशन को कितना स्थान दिया गया है। 2. जेंडर का अर्थ एवं अवधारणा जेंडर (Gender) जैविक नहीं बल्कि सामाजिक-सांस्कृतिक अवधारणा है। समाज स्त्री और पुरुष के लिए अलग-अलग भूमिकाएँ, अपेक्षाएँ और व्यवहार निर्धारित करता है। जेंडर में शामिल हैं: स्त्री पुरुष तृतीय लिंग शिक्षा का दायित्व है कि वह जेंडर आधारित भेदभाव को समाप्त करे। 3. क्षत्रप (Unit) प्रथम : जेंडर एवं शिक्षा (क) शिक्षा में जेंडर का महत्व शिक्षा लैंगिक समानता स्थापित करने का सशक्त माध्यम है। जेंडर-संवेदनशील शिक्षा से: आत्मविश्वास का विकास होत...