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केसरिया सोसाइटी जोधपुर

 प्रथम मीटिंग की भाषा            दिनांक 1 सितंबर 2020  केसरिया सोसाइटी, जोधपुर दिनांक 1 सितंबर 2020 को आयोजित प्रथम बैठक (First General/Executive Meeting)  केसरिया सोसाइटी, जोधपुर प्रथम बैठक की कार्यवाही (Minutes of First Meeting) दिनांक : 01 सितंबर 2020 समय : प्रातः 11:00 बजे स्थान : कार्यालय – 10,वेदनाथ रोड, कालीबेरी केसरिया सोसाइटी, जोधपुर (राज.) आज दिनांक 01 सितंबर 2020 को केसरिया सोसाइटी, जोधपुर के पंजीकरण (Registration) के उपरांत सोसाइटी की प्रथम बैठक कार्यालय परिसर में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता श्री ____________ (अध्यक्ष) ने की। उपस्थित सदस्य बैठक में निम्नलिखित पदाधिकारी/सदस्य उपस्थित रहे– 1. श्री ____________ – अध्यक्ष 2. श्री ____________ – उपाध्यक्ष 3. श्री ____________ – सचिव 4. श्री ____________ – कोषाध्यक्ष 5. श्री ____________ – सदस्य (अन्य सदस्य यदि हों) बैठक की कार्यवाही प्रस्ताव क्रमांक–1 : सोसाइटी के पंजीकरण की जानकारी सदन के समक्ष प्रस्तुत की गई, जिसे सर्वसम्मति से संज्ञान में लिया गया। प्रस्ताव क्रमांक–2 : सोसाइटी क...

पारीक विकास परिषद जोधपुर, राजस्थान

 15/12/25 एकादशी पारीक विकास सोसाइटी परिषद, जोधपुर (राजस्थान) 1. सोसाइटी का नाम इस सोसाइटी का नाम "पारीक विकास परिषद, जोधपुर (राजस्थान)" होगा, जिसे आगे इस संविधान में " सोसाइटी " कहा जाएगा। 2. सोसाइटी   का कार्यालय सोसाइटी का पंजीकृत कार्यालय जोधपुर शहर, जिला जोधपुर, राजस्थान राज्य में स्थित होगा। आवश्यकता अनुसार सोसाइटी कार्यालय का पता परिवर्तित किया जा सकता है। 3.  सोसाइटी का स्वरूप यह सोसाइटी एक सार्वजनिक, गैर-लाभकारी (Non-Profit), धर्मार्थ एवं सामाजिक सेवा ट्रस्ट होगा, जिसका संचालन भारतीय  ट्रस्ट अधिनियम 1882 राजस्थान राज्य में लागू अन्य विधियों के अंतर्गत किया जाएगा। 4. सोसाइटी के उद्देश्य सोसाइटी के मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित होंगे:  पारीक समाज के  हर तबके के व्यक्ति को अमीरी गरीबी का भेद मिटाकर  समाज के मुख्य धारा में लाना। समाज के युवाओं में कौशल विकास और शिक्षा स्वास्थ्य, सामाजिक सेवा राष्टीय विकास से संबंधित कार्य में  समाज के युवाओं की मुख्य भूमिका रखकर कार्य करवाना।  समाज के गरीब, असहाय, निर्धन एवं जरूरतमंद व्यक्तियो...

Application Ph D

सेवा में, चेयरपर्सन महोदय मौलाना आज़ाद राष्ट्रीय उर्दू विश्वविद्यालय (या: मौलाना आज़ाद विश्वविद्यालय) विषय: पीएच.डी. शुल्क 1–2 माह देरी से जमा करने हेतु अनुमति प्रदान करने बाबत। महोदय, सविनय निवेदन है कि मैं आपके विश्वविद्यालय में पीएच.डी. कार्यक्रम का शोधार्थी हूँ। वर्तमान में कुछ पारिवारिक व वित्तीय  परिस्थितियों  के कारण मैं निर्धारित समय पर अपनी फीस जमा कराने में असमर्थ हूँ। अतः आपसे विनम्र अनुरोध है कि कृपया मुझे 1–2 महीने की अतिरिक्त अवधि प्रदान करने की अनुमति प्रदान करें, ताकि मैं अपनी फीस बिना किसी बाधा के जमा कर सकूँ। मैं आश्वासन देता/देती हूँ कि दिए गए समय के भीतर पूर्ण शुल्क अवश्य जमा कर दूँगा। आपकी कृपा एवं अनुमोदन के लिए सदा कृतज्ञ रहूँगा। धन्यवाद। भवदीय,  नवीन कुमार पारेख  पिता/माता का नाम :- श्री सतीश कुमार पारीक पीएच.डी. शोधार्थी, विभाग – … शिक्षा…… रोल नंबर/रजिस्ट्रेशन नंबर – …………… मोबाइल नंबर – 7375957111 दिनांक – …………… सेवा में, अध्यक्ष महोदय, जय नारायण व्यास शिक्षण संस्थान, जोधपुर (राजस्थान) विषय: 26 जनवरी को हेडक्वार्टर छोड़ने की अ...

NKP “भूगोल विषय के विद्यार्थियों में प्राकृतिक आपदाओं, कोरोना महामारी एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता का अध्ययन।”

 प्रथम अध्याय - समस्या एवं उसका आविर्भाव 1.1 प्रस्तावना पर्यावरण के असन्तुलन के कारण प्राकृतिक स्वरूप में होने वाले अकस्मात ऐसे परिवर्तन जो मानव को विपत्ति में डाल देते है तथा जिनसे व्यापक स्तर पर जन-धन की हानि होती है। इनसे बचने के लिए विभिन्न प्रकार के उपाय व प्रबन्धन करता है, उसे आपदा प्रबन्धन कहते है। मानव द्वारा किये गये प्रबन्धन होते है। प्राकृतिक आपदाये मानव जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव डालती हैं। आपदा घटने के उपरान्त सर्वत्र विनाश, दुर्दशा तथा संत्रास का दृश्य उत्पन्न हो जाता हैं। मानव अपनी तीक्ष्ण बुद्धि के बल पर तकनिकी साधनों एवं विज्ञान की सहायता से मानों सम्पूर्ण भूमण्डल पर अपना प्रभुत्व जमा लिया हैं। आदिकालीन मानव ने प्रकृति के साथ सौहार्दता एवं प्रेम का व्यवहार ही किया, क्योंकि तब वह प्राकृतिक परिवेश मे ही अपना जीवनयापन करता था परन्तु वर्तमान में मानव आबादी का विस्तार होने के साथ-साथ, शहरीकरण, औधोगिकरण एवं ऐसे ही क्रियाकलाप चरम स्थिति पर पहुचने लगे और इसी से आपदाओं का जन्म हुआ । प्राकृतिक आपदाओं के सामने मानव की विवशता सदियों से बनी हुई हैं प्राकृतिक आपदाओं को जन्म...